- उज्जैन में महावीर जयंती पर भव्य शोभायात्रा: हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, गूंजे ‘वीर प्रभु महावीर’ के जयकारे
- शेषनाग मुकुट और मोगरे के फूलों से सजे बाबा, भस्म आरती में दिखा दिव्य और अलौकिक स्वरूप
- महाकाल लोक में फायर सेफ्टी ट्रेनिंग: सुरक्षाकर्मियों को सिखाए आग से बचाव के तरीके, एक्सटिंग्विशर चलाने की दी ट्रेनिंग
- महाकाल की भस्म आरती में स्नेहा राणा: 2 घंटे नंदी हॉल में बैठकर की आराधना, मंत्री संजय सिंह ने भी किए दर्शन
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में 800 ‘आपदा मित्र’ होंगे तैनात, शिप्रा घाटों पर दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
शनिवार भस्म आरती दर्शन:भगवान महाकाल का भांग, चंदन, आभूषण से दिव्य श्रृंगार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के होने वाली भस्म आरती के दौरान मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का जल से अभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवे और आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया। मस्तक पर रजत त्रिपुंड,और त्रिनेत्र धारण कर शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई।
सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की भगवान ने। फल और मिष्ठान का भोग लगाया भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते है।